Cg Open School कक्षा 10 हिंदी पाठ 1 नोट्स, Cg Open School class 10th Hindi Notes Pdf, Chhattisgarh Rajya open School kaksha 10 Hindi chapter 1 notes Sagar Rao Raji open school, छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल कक्षा 10 हिन्दी पाठ 1 नोट्स pdf. Cg Open 10th Hindi Notes.
प्रश्न 1. कबीर के अनुसार मनुष्य की जाति किसके समान क्षणभंगुर है?
उत्तर – कबीर के अनुसार मनुष्य की जाति पानी के बुलबुले के समान क्षणभंगुर है।
प्रश्न 2. कबीर की रचना ‘बीजक’ के कितने भाग हैं?
उत्तर – क़बीर की रचना बीजक के तीन भाग हैं । 1 साखी, 2 शबद और 3 रमैनी।
प्रश्न 3. कबीर ने निंदक (आलोचना करने वाले) को कहाँ रखने की सलाह दी है?
उत्तर – कबीर ने निंदक को अपने समीप, आँगन में कुटी बनवाकर रखने की सलाह दी है ।
प्रश्न 4. “ऊँचे कुल का जनमिया…” दोहे के माध्यम से कबीर क्या संदेश देना चाहते हैं?
उत्तर – कबीर संदेश देते हैं कि केवल ऊँचे कुल में जन्म लेने से कोई महान नहीं बनता; यदि व्यक्ति के कर्म नीच हैं, तो वह समाज में उसी प्रकार निंदनीय है जैसे सोने के कलश में भरी हुई शराब ।
प्रश्न 5. कबीर ने गुरू और शिष्य की तुलना किससे की है और क्यों?
उत्तर – कबीर ने गुरू की तुलना ‘कुम्हार’ से और शिष्य की तुलना मिट्टी के ‘घड़े’ से की है। जिस प्रकार कुम्हार घड़े को सही आकार देने के लिए अंदर से सहारा देता है और बाहर से चोट मारता है, वैसे ही गुरू भी शिष्य की बुराइयों को दूर करने के लिए कठोर अनुशासन के साथ स्नेहपूर्ण सहारा देता है ।
प्रश्न 6. ‘संतोष धन’ के सामने अन्य धनों की क्या स्थिति होती है?
उत्तर – कबीर के अनुसार जब व्यक्ति को संतोष रूपी धन प्राप्त हो जाता है, तो हाथी (गजधन), घोड़े (बाजिधन) और रत्न जैसे सभी भौतिक धन धूल के समान तुच्छ लगने लगते हैं ।
प्रश्न 7. रहीम के अनुसार सच्चे मित्र की पहचान कब होती है?
उत्तर – रहीम के अनुसार सच्चे मित्र की पहचान विपत्ति (मुसीबत) के समय होती है ।
प्रश्न 8.’रहिमन धागा प्रेम का…’ दोहे में ‘धागा’ किसका प्रतीक है?
उत्तर – ‘रहिमन धागा प्रेम का…’ दोहे में ‘धागा’ प्रेम के नाजुक संबंधों का प्रतीक है ।
प्रश्न 9. उत्तम स्वभाव वाले व्यक्ति पर किसका प्रभाव नहीं पड़ता?
उत्तर – उत्तम स्वभाव वाले व्यक्ति पर कुसंगति (बुरी संगति) का प्रभाव नहीं पड़ता है ।
प्रश्न 10. “बिगरी बात बनै नहीं, लाख करौ किन कोय” का भावार्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – रहीम कहते हैं कि एक बार जब बात बिगड़ जाती है या संबंध टूट जाते हैं, तो उन्हें लाख कोशिशों के बाद भी पहले जैसा ठीक नहीं किया जा सकता, जैसे फटे हुए दूध को मथने से मक्खन नहीं निकलता।
प्रश्न 11. रहीम ने चंदन के वृक्ष और सांप का उदाहरण क्यों दिया है?
उत्तर – रहीम ने चंदन के वृक्ष और सांप का उदाहरण इसलिए दिया है क्योंकि जिस प्रकार चंदन के वृक्ष पर सांप लिपटे रहने के बावजूद अपनी शीतलता नहीं छोड़ता और विषैला नहीं होता, वैसे ही सज्जन व्यक्ति बुरी संगति में रहकर भी अपने गुणों को नहीं त्यागते।
प्रश्न 12. रहीम के अनुसार बड़े (महान) लोगों की क्या विशेषता होती है?
उत्तर – रहीम के अनुसार बड़े लोग अपनी प्रशंसा स्वयं नहीं करते और न ही अपनी महानता का बखान करते हैं।
प्रश्न 13. निरंतर अभ्यास करने से कौन विद्वान बन सकता है?
उत्तर – निरंतर अभ्यास करने से ‘जड़मति’ अर्थात मूर्ख व्यक्ति ही विद्वान बन सकता हैं ।
प्रश्न 14. वृन्द के अनुसार बिना अवसर के कही गई बात कैसी लगती है?
उत्तर – वृन्द के अनुसार बिना अवसर के कही गई बात अरुचिकर और अनुचित लगती है ।(जैसे युद्ध के समय श्रृंगार की बात)।
प्रश्न 15.’पाँव पसारिए जेती लांबी सौर’ में ‘सौर’ का क्या अर्थ है?
उत्तर – ‘पाँव पसारिए जेती लांबी सौर’ में ‘सौर’ का अर्थ चादर (अर्थात अपना सामर्थ्य)।
प्रश्न 16. “करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान” – इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – कवि वृन्द कहते हैं कि जिस प्रकार कुएँ के पत्थर पर रस्सी के बार-बार आने-जाने से निशान पड़ जाते हैं, वैसे ही निरंतर अभ्यास से एक मूर्ख व्यक्ति भी बुद्धिमान और कुशल बन सकता है।
प्रश्न 17. वृन्द ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार कार्य करने की सीख क्यों दी है?
उत्तर – वृन्द ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार कार्य करने की सीख इसलिए दी है क्योंकि जो व्यक्ति अपनी चादर (आमदनी या शक्ति) से बाहर पैर फैलाता है, उसे बाद में समाज में हंसी का पात्र बनना पड़ता है और पछताना पड़ता है।
प्रश्न 18. मूर्ख व्यक्ति को उपदेश देना क्यों व्यर्थ है?
उत्तर – वृन्द के अनुसार मूर्ख को शिक्षा देना वैसा ही है जैसे सांप को दूध पिलाना, जिससे उसका विष ही बढ़ता है वैसे ही मूर्ख व्यक्ति सीख को ग्रहण करने के बजाय क्रोधित होता है ।