NIOS 12th Hindi Chapter 2 Notes Pdf

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प्रश्न 1. सगुण भक्ति का क्या अर्थ है?
उत्तर – ईश्वर के रूप, आकार और गुणों में विश्वास करके उनके साकार रूप की लीलाओं का गान करना सगुण भक्ति है।

प्रश्न 2. भक्ति को दक्षिण भारत से उत्तर भारत में लाने का श्रेय किसे दिया जाता है?
उत्तर – प्रसिद्ध कथन के अनुसार, भक्ति को दक्षिण भारत से उत्तर भारत में लाने का श्रेय स्वामी रामानंद को दिया जाता है।

प्रश्न 3. रामभक्ति और कृष्णभक्ति धाराओं के प्रतिनिधि कवि कौन-कौन हैं?
उत्तर – रामभक्ति धारा के प्रतिनिधि कवि तुलसीदास और कृष्णभक्ति धारा के प्रतिनिधि सूरदास हैं।

प्रश्न 4. मीराबाई की भक्ति पर किन साधनाओं का प्रभाव दिखाई देता है?
उत्तर – मीराबाई की भक्ति पर सगुण और निर्गुण दोनों साधनाओं के साथ-साथ नाथपंथ का प्रभाव भी दिखाई देता है।

प्रश्न 5. तुलसीदास ने ‘रामचरितमानस’ की रचना किस भाषा में की है?
उत्तर – तुलसीदास ने ‘रामचरितमानस’ की रचना अवधी भाषा में की है।

प्रश्न 6. भरत के अनुसार राम का स्वभाव कैसा है?
उत्तर – भरत के अनुसार राम अत्यंत कृपालु हैं और वे कभी अपराधी पर भी क्रोध नहीं करते।

प्रश्न 7. सूरदास को किस रस का सम्राट माना जाता है?
उत्तर – सूरदास को वात्सल्य रस का सम्राट माना जाता है।

प्रश्न 8. ‘नीरज नयन’ पद में कौन-सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है?
उत्तर – ‘नीरज नयन’ (कमल रूपी नेत्र) में रूपक अलंकार का प्रयोग हुआ है।

प्रश्न 9. चित्रकूट की सभा में भरत की क्या दशा थी?
उत्तर – सभा में बात रखने के लिए खड़े होते ही भरत का शरीर रोमांच से भर गया (पुलकित हो गया) और उनके कमल रूपी नेत्रों से प्रेम के आँसू बहने लगे। वे संकोच और प्रेम के कारण अपनी बात विस्तार से नहीं कह पा रहे थे।

प्रश्न 10. “हारेहुँ खेल जितावहिं मोही” पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – इस पंक्ति का आशय है कि राम अपने भाइयों से इतना प्रेम करते थे कि बचपन में खेल खेलते समय यदि भरत हारने लगते, तो राम उन्हें प्रसन्न करने के लिए स्वयं हार जाते और भरत को जिता देते थे। यह राम की उदारता को दर्शाता है।

प्रश्न 11. भरत स्वयं को राम के वनवास का दोषी क्यों मानते हैं?
उत्तर – भरत मानते हैं कि उनकी माता कैकेयी ने उनके राज्याभिषेक के लिए ही राम को वनवास भेजने का वर माँगा था। वे स्वयं को अनर्थ का मूल कारण मानते हैं और कहते हैं कि “मेरे कारण ही राम को वन जाना पड़ा।”

प्रश्न 12. भरत ने ‘कोदव’ और ‘शालिधान’ का उदाहरण क्यों दिया?
उत्तर – भरत अपनी माता के कुकृत्य पर दुखी होकर कहते हैं कि जैसे ‘कोदो’ (मोटा अनाज) की बाली से उत्तम ‘शालिधान’ (चावल) पैदा नहीं हो सकता, वैसे ही एक नीच माता (कैकेयी) के गर्भ से मुझ जैसा सदाचारी पुत्र कैसे पैदा हो सकता है? वे स्वयं को भी अपनी माता के दोषों का हिस्सा मानते हैं।

प्रश्न 13. सूरदास द्वारा वर्णित बालकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन कीजिए।
उत्तर – सूरदास वर्णन करते हैं कि बालकृष्ण घुटनों के बल चल रहे हैं। उनके एक हाथ में ताजा मक्खन है, मुख पर दही का लेप लगा है, गले में कठुला (माला) सोह रहा है और सिर पर घुंघराले बाल लटक रहे हैं। उनका यह रूप मन को मोह लेने वाला है।

प्रश्न 14. सूरदास के पदों में वात्सल्य भाव की क्या विशेषता है?
उत्तर – सूरदास ने माता यशोदा के कृष्ण के प्रति प्रेम और कृष्ण की बाल-सुलभ चेष्टाओं (जैसे मिट्टी खाना, घुटनों के बल चलना) का ऐसा जीवंत वर्णन किया है जो अत्यंत स्वाभाविक लगता है। इसी कारण उन्हें वात्सल्य का सर्वश्रेष्ठ कवि माना जाता है।

प्रश्न 15. मीराबाई ने कृष्ण के प्रति अपने प्रेम को किस प्रकार अभिव्यक्त किया है?
उत्तर – मीरा ने कृष्ण को अपना पति और सर्वस्व माना है। वे कहती हैं कि उन्होंने अपने आंसुओं के जल से प्रेम की बेल बोई है। वे लोक-लाज और कुल की मर्यादा छोड़कर कृष्ण की भक्ति में नाचती हैं और साधु-संगति में प्रसन्न रहती हैं।

प्रश्न 16. ‘रामचरितमानस’ के अयोध्या कांड के आधार पर राम और भरत के संबंधों पर टिप्पणी कीजिए।
उत्तर – राम और भरत का संबंध अटूट प्रेम और त्याग का आदर्श उदाहरण है। राम जहाँ भाइयों के प्रति अगाध स्नेह रखते हैं, वहीं भरत अपने बड़े भाई के प्रति पूर्णतः समर्पित हैं और राज पद को भी राम के चरणों की धूल के समान त्याग देते हैं।

प्रश्न 17. पाठ के आधार पर तुलसीदास के काव्य की शिल्प सौंदर्य की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर – तुलसीदास के शिल्प चौधरी की निम्नलिखित विशेषताएं हैं – 1. तुलसीदास की भाषा अवधी है, जो बहुत ही सरस और प्रभावपूर्ण है। 2. उन्होंने दोहा-चौपाई छंदों का सुंदर प्रयोग किया है। 3. उनके काव्य में उपमा, रूपक और अनुप्रास जैसे अलंकारों का सहज समावेश है, जो भावों को और अधिक स्पष्ट बनाते हैं।

NIOS 12th Hindi Chapter 3 Notes Pdf

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