RSOS 10th Hindi (201) Chapter 2 Notes, राजस्थान ओपन बोर्ड कक्षा 10 हिंदी पाठ 2 नोट्स, RSOS 10th Hindi Notes, Rajasthan open school 10th Hindi Notes Chapter wise, RSOS पाठ 2 दोहे, RSOS 10th Notes, RSOS 10th Hindi Notes Pdf.
प्रश्न 1: कबीर के अनुसार किसी व्यक्ति की असली पहचान किससे होती है?
उत्तर: कबीर के अनुसार किसी व्यक्ति की असली पहचान उसके ऊँचे कुल या खानदान में जन्म लेने से नहीं, बल्कि उसके अच्छे आचरण, व्यवहार और कर्मों से होती है।
प्रश्न 2: मनुष्य की आँखें उसके मन के भावों को कैसे प्रकट करती हैं?
उत्तर: आँखें मनुष्य के हृदय के भले बुरे भावों को उसी तरह सच-सच बता देती हैं, जैसे एक साफ आईना हमारे असली रूप को दिखा देता है।
प्रश्न 3: ‘करत-करत अभ्यास तें, जड़मति होत सुजान’ का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि निरंतर अभ्यास करने से एक मूर्ख या कम बुद्धि वाला व्यक्ति भी चतुर और विद्वान बन सकता है।
प्रश्न 4: कबीर ने निंदक को अपने पास रखने की सलाह क्यों दी है?
उत्तर: कबीर का मानना है कि निंदक हमारी कमियाँ बताकर हमारे स्वभाव को बिना साबुन और पानी के निर्मल (साफ) बना देता है। उसकी आलोचना सुनकर हम अपनी गलतियों को सुधार सकते हैं।
प्रश्न 5: ‘गुरु कुम्हार सिष कुंभ है’ के माध्यम से कबीर क्या समझाना चाहते हैं?
उत्तर: जैसे कुम्हार घड़े की कमियों को दूर करने के लिए उसे बाहर से चोट मारता है पर अंदर से हाथ का सहारा देता है, वैसे ही गुरु भी शिष्य को सुधारने के लिए ऊपर से कठोर व्यवहार करता है परंतु अंदर से वह शिष्य का हित ही चाहता है।
प्रश्न 6: नाव में पानी और घर में धन बढ़ने पर कबीर ने क्या करने की सलाह दी है?
उत्तर: कबीर कहते हैं कि जैसे नाव में पानी भरने पर उसे बाहर निकालना जरूरी है वरना नाव डूब जाएगी, वैसे ही घर में आवश्यकता से अधिक धन आने पर उसे दान कर देना चाहिए, अन्यथा वह बुराइयाँ और विनाश लाता है।
प्रश्न 7: रहीम के अनुसार विद्वान व्यक्ति कब मौन (चुप) हो जाता है?
उत्तर: रहीम के अनुसार जब अज्ञानी या कम जानकार लोग (मेंढक के समान) बहुत ज्यादा शोर मचाने या बोलने लगते हैं, तब विद्वान व्यक्ति (कोयल के समान) सही अवसर की प्रतीक्षा में मौन धारण कर लेता है।
प्रश्न 8: रहीम ने किन सात चीजों के बारे में कहा है कि वे दबाने से भी नहीं दबतीं?
उत्तर: रहीम के अनुसार खैर (कत्था), खून, खाँसी, खुशी, दुश्मनी, प्रेम और नशा – ये सात चीजें ऐसी हैं जिन्हें कितना भी छिपाने की कोशिश की जाए, तो भी ये समय आने पर प्रकट हो ही जाती हैं।
प्रश्न 9: वृंद कवि ने अभ्यास के महत्त्व को समझाने के लिए किसका उदाहरण दिया है?
उत्तर: कवि वृंद ने कुएँ की पत्थर वाली ‘सिल’ और ‘रस्सी’ का उदाहरण दिया है। जैसे कोमल रस्सी के बार-बार आने-जाने से कठोर पत्थर पर भी निशान बन जाता है, वैसे ही निरंतर अभ्यास से कठिन कार्य भी संभव हो जाता है।
प्रश्न 10: ‘दोहा’ छंद की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: दोहा एक मात्रिक छंद है जिसमें चार चरण होते हैं। इसके पहले और तीसरे चरण में 13-13 मात्राएँ तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं। साथ ही दूसरे और चौथे चरण की तुक आपस में मिलती है।
प्रश्न 11: यदि आपको दोस्त पूछे कि ये नोट्स कहां से देख रहे हो?
उत्तर: आप उसको बता देना कि गूगल पर Dksir.Com लिखकर सभी नोट्स फ्री में देख सकते है।


