RSOS 12th Hindi chapter 1 notes in Hindi

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प्रश्न 1: हिंदी साहित्य को मुख्य रूप से कितने भागों में बाँटा गया है और उनके नाम क्या हैं?
उत्तर: हिंदी साहित्य को चार भागों में बाँटा गया है: (1) आदिकाल, (2) भक्तिकाल, (3) रीतिकाल और (4) आधुनिक काल।

प्रश्न 2: कबीरदास भक्तिकाल की किस काव्य-धारा के प्रमुख कवि हैं?
उत्तर: कबीरदास भक्तिकाल के अंतर्गत ‘निर्गुण भक्ति काव्य-परंपरा’ की ‘ज्ञानाश्रयी शाखा’ के प्रमुख कवि हैं।

प्रश्न 3: ‘सतगुरु की महिमा अनंत’ दोहे के माध्यम से कबीर क्या कहना चाहते हैं?
उत्तर: कबीर कहते हैं कि गुरु की महिमा असीमित (अनंत) है क्योंकि गुरु ने ही शिष्य के ज्ञान-चक्षु (लोचन) खोलकर उसे परमात्मा के सच्चे स्वरूप का दर्शन कराया है।

प्रश्न 4: कबीर की भक्ति किस भाव की मानी गई है और उनकी भाषा को क्या कहा जाता है?
उत्तर: कबीर की भक्ति में ‘दास्य-भाव’ (स्वामी-सेवक भाव) दिखाई देता है। उनकी भाषा को ‘सधुक्कड़ी’ नाम दिया गया है क्योंकि उसमें अनेक भाषाओं का मेल है।

प्रश्न 5: कबीर के दोहों को ‘साखी’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर: ‘साखी’ शब्द संस्कृत के ‘साक्षी’ का तद्भव रूप है, जिसका अर्थ है ‘गवाह’। कबीर ने इन साखियों में उन्हीं सत्यों का वर्णन किया है जिनका उन्होंने स्वयं साक्षात्कार किया है।

प्रश्न 6: ‘लाली मेरे लाल की’ दोहे में ‘लाल’ और ‘लाली’ शब्द किसके प्रतीक हैं?
उत्तर: यहाँ ‘लाल’ शब्द निर्गुण निराकार ईश्वर का प्रतीक है और ‘लाली’ ईश्वर की सत्ता या शक्ति का प्रतीक है।

प्रश्न 7: मलिक मुहम्मद जायसी के प्रसिद्ध महाकाव्य का नाम क्या है और इसकी भाषा क्या है?
उत्तर: जायसी के प्रसिद्ध महाकाव्य का नाम ‘पद्मावत’ है। इसकी भाषा ‘ठेठ अवधी’ है।

प्रश्न 8: जायसी के अनुसार मनुष्य देवताओं के समान महानता कैसे प्राप्त कर सकता है?
उत्तर: जायसी के अनुसार, मनुष्य अपने निःस्वार्थ और दिव्य प्रेम के कारण ही दिव्यता या महानता प्राप्त कर सकता है, अन्यथा उसका शरीर मुट्ठी भर राख के समान नश्वर है।

प्रश्न 9: ‘माटी भएउ अंत जो माटी’ पंक्ति के माध्यम से जायसी क्या संदेश देना चाहते हैं?
उत्तर: जायसी संदेश देते हैं कि यह शरीर मिट्टी का बना है और अंत में मिट्टी में ही मिल जाएगा। जो मनुष्य शरीर की इस नश्वरता को समझ लेता है, उसके लिए जीवन सुखद बन जाता है।

प्रश्न 10: जायसी ने प्रेम की तुलना किससे की है और क्यों?
उत्तर: जायसी ने प्रेम की तुलना मधुमक्खी के छत्ते से की है, जिसमें शहद रूपी अमृत भी है और डंक लगने का कष्ट भी। अर्थात प्रेम में संयोग का सुख है तो वियोग का कष्ट भी।

प्रश्न 11: आप यह नोट्स कहां से देख रहे हो?
उत्तर: आप यह सभी नोट्स Dksir.Com वेबसाइट पर देख रहे हो । यह नोट्स आप अपने दोस्तों को जरूर भेजना ताकि वह भी ये नोट्स पढ़कर पास हो जाए ।

RSOS 12th Hindi Chapter 1 Page 1

Welcome to the dksir.com website, my name is Ramesh Singh and I am currently working as a government teacher in the education department.

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