RSOS 12th Hindi (301) Chapter 2 Notes, राजस्थान ओपन बोर्ड कक्षा 12 हिंदी पाठ 2 नोट्स, RSOS 12th Hindi Notes, Rajasthan open school 12th Hindi Notes Chapter wise, पाठ 2 सगुण भक्तिकाव्य (तुलसीदास, सूरदास और मीराबाई), RSOS 12th Notes, RSOS 12th Hindi Notes Pdf.
प्रश्न 1: सगुण भक्ति का क्या अर्थ है?
उत्तर: सगुण का अर्थ है—गुण सहित। इसमें ईश्वर के रूप, आकार और गुणों में विश्वास किया जाता है और उनके साकार रूप की लीलाओं का गायन किया जाता है।
प्रश्न 2: ‘भक्ति द्राविड़ ऊपजी, लाए रामानंद’ इस कथन का क्या अर्थ है?
उत्तर: इस कथन का अर्थ है कि भक्ति का उद्भव दक्षिण भारत में हुआ था और इसे उत्तर भारत में लाने का श्रेय स्वामी रामानंद को जाता है।
प्रश्न 3: तुलसीदास जी ने ‘रामचरितमानस’ की रचना किस भाषा और छंद में की है?
उत्तर: तुलसीदास जी ने ‘रामचरितमानस’ की रचना अवधी भाषा में की है और इसमें मुख्य रूप से दोहा-चौपाई छंद का प्रयोग किया गया है।
प्रश्न 4: भरत जी के अनुसार श्री राम का स्वभाव कैसा है?
उत्तर: भरत जी के अनुसार राम अत्यंत दयालु हैं। वे अपराधियों पर भी कभी क्रोध नहीं करते और खेलते समय यदि छोटा भाई हार भी जाए, तो उसे जिता देते हैं।
प्रश्न 5: भरत अपनी माता कैकेयी के प्रति आत्मग्लानि क्यों महसूस करते हैं?
उत्तर: भरत को लगता है कि विधाता उनके और राम के प्रेम को सह नहीं सका, इसलिए उसने माता कैकेयी के बहाने उनके बीच अंतर पैदा कर दिया। वे स्वयं के भाग्य को ही इस दुख का कारण मानते हैं।
प्रश्न 6: सूरदास जी को किस रस का सम्राट माना जाता है और क्यों?
उत्तर: सूरदास जी को वात्सल्य रस का सम्राट माना जाता है क्योंकि उन्होंने बालक कृष्ण के रूप-सौंदर्य और उनकी बाल-लीलाओं का बहुत ही सूक्ष्म और मनोहर वर्णन किया है।
प्रश्न 7: सूरदास के पद में बालक कृष्ण के रूप का वर्णन कैसे किया गया है?
उत्तर: बालक कृष्ण घुटनों के बल चल रहे हैं, उनके एक हाथ में मक्खन है, शरीर धूल से लिपटा है और मुख पर दही लगा है। उनके गाल सुंदर, नेत्र चंचल और बाल घुँघराले हैं।
प्रश्न 8: मीराँबाई की भक्ति किस भाव की मानी जाती है?
उत्तर: मीराँबाई की भक्ति ‘माधुर्य भाव’ की मानी जाती है, जिसमें भक्त (मीराँ) और भगवान (कृष्ण) के बीच प्रेम का संबंध होता है।
प्रश्न 9: मीराँ ने “गोविन्दाँ मोल लिया” क्यों कहा है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि मीराँ ने कृष्ण को सोच-समझकर, जाँच-परखकर और लोक-लाज की परवाह न करते हुए खुलेआम अपना लिया है। उन्होंने इसके लिए अपना तन-मन और जीवन सब न्योछावर कर दिया है।
प्रश्न 10: मीराँबाई की भाषा की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर: मीराँ की भाषा मूलतः ब्रजभाषा है, लेकिन इसमें राजस्थानी और गुजराती के शब्दों का अधिक प्रयोग मिलता है। उनकी भाषा अत्यंत सरल और हृदय को छूने वाली है।
प्रश्न 11: आप यह नोट्स कहां से देख रहे हो?
उत्तर: आप यह सभी नोट्स Dksir.Com वेबसाइट पर देख रहे हो । यह नोट्स आप अपने दोस्तों को जरूर भेजना ताकि वह भी ये नोट्स पढ़कर पास हो जाए ।


